Tuesday, April 23, 2013

◄▓▓.•♥•.मईया अपने लाला की सुन लो सिकायत॥.•♥•.▓▓►


.••.॥श्री राधेकृष्णा॥.••.
..••.॥श्री कृष्ण शरणम् ममः॥.••..
.••.॥श्री राधेकृष्णा॥.••.
.••.मईया अपने लाला की सुन लो सिकायत॥.••. 
.••.जो बताने के काबिल नहि है॥.••.
.••.वो जो देता है दर्द ये दिल को॥.••.
.••.वो दिखाने के काबिल नही है॥.••.
.••.मईया पहली सिकायत हमारी॥.••.
..••.॥श्री कृष्ण शरणम् ममः॥.••..
.••.पनधट पे मिले मुरारी॥.••. 
.••.जिसने तोडी गगरिया हमारी॥.••.
.••.जल भरने के काबिल नही है॥.••.
.••.वो तो प्राणो से प्यारा कन्हया॥.••.
.••.वो सिकायत के काबिल नही है॥.••.
..••.॥श्री कृष्ण शरणम् ममः॥.••..
.••.जै जै गोविन्द गोविन्द गोपाला॥.••.
.••. जै मुरली मनोहर नन्दलाला॥.••.
..••.॥श्री कृष्ण शरणम् ममः॥.••..
.••.॥श्री राधेकृष्णा॥.••.

..••.॥श्री कृष्ण शरणम् ममः॥.••..
.••.॥श्री राधेकृष्णा॥.••.

Tuesday, April 16, 2013

.•♥•.॥दासी मीरा॥.•♥•.◄▓▓..•♥•.॥हरि तुम हरो जन की भीर॥.•♥•..▓▓▓►


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..◄▓▓▓▓(¯`•´¯).•♥•.॥श्री कृष्ण शरणम् ममः॥.•♥•.(¯`•´¯)▓▓▓►.. 

..◄▓▓▓▓.`•.,.• *.•♥•.॥श्री कृष्ण शरणम् ममः॥.•♥•...`•.,.•*▓▓▓►..
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◄▓▓..•♥•.॥प्रभु जी तुम दर्शन बिन मोय घड़ी चैन नहीं आवड़े॥.•♥•..▓▓▓►
◄▓▓..•♥•.॥अन्न नहीं भावे नींद न आवे विरह सतावे मोय॥.•♥•..▓▓▓►
◄▓▓..•♥•.॥घायल ज्यूं घूमूं खड़ी रे म्हारो दर्द न जाने कोय॥.•♥•..▓▓▓►
◄▓▓..•♥•.॥दिन तो खाय गमायो री, रैन गमाई सोय॥.•♥•..▓▓▓►
◄▓▓..•♥•.॥प्राण गंवाया झूरता रे, नैन गंवाया दोनु रोय॥.•♥•..▓▓▓►
◄▓▓..•♥•.॥जो मैं ऐसा जानती रे, प्रीत कियाँ दुख होय॥.•♥•..▓▓▓►
◄▓▓..•♥•.॥नगर ढुंढेरौ पीटती रे, प्रीत न करियो कोय॥.•♥•..▓▓▓►
◄▓▓..•♥•.॥पन्थ निहारूँ डगर भुवारूँ, ऊभी मारग जोय॥.•♥•..▓▓▓►
◄▓▓..•♥•.॥मीरा के प्रभु कब रे मिलोगे, तुम मिलयां सुख होय॥.•♥•..▓▓▓►
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..◄▓▓▓▓(¯`•´¯).•♥•.॥श्री कृष्ण शरणम् ममः॥.•♥•.(¯`•´¯)▓▓▓►.. 
..◄▓▓▓▓.`•.,.• *.•♥•.॥श्री कृष्ण शरणम् ममः॥.•♥•...`•.,.•*▓▓▓►..
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◄▓▓..•♥•.॥हेरी म्हा दरद दिवाणौ॥.•♥•..▓▓▓►
◄▓▓..•♥•.॥म्हारा दरद ना जाण्याँ कोय॥.•♥•..▓▓▓►
◄▓▓..•♥•.॥घायल री गत घायल जाण्याँ॥.•♥•..▓▓▓►
◄▓▓..•♥•.॥हिबडो अगण संजोय॥.•♥•..▓▓▓►
◄▓▓..•♥•.॥जौहर की गत जौहरी जाणै॥.•♥•..▓▓▓►
◄▓▓..•♥•.॥क्या जाण्याँ जण खोय॥.•♥•..▓▓▓►
◄▓▓..•♥•.॥मीरा री प्रभु पीर मिटाँगा॥.•♥•..▓▓▓►
◄▓▓..•♥•.॥जब वैद साँवरो होय॥.•♥•..▓▓▓►
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..◄▓▓▓▓(¯`•´¯).•♥•.॥श्री कृष्ण शरणम् ममः॥.•♥•.(¯`•´¯)▓▓▓►.. 
..◄▓▓▓▓.`•.,.• *.•♥•.॥श्री कृष्ण शरणम् ममः॥.•♥•...`•.,.•*▓▓▓►..
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..◄▓▓▓▓(¯`•´¯).•♥•.॥श्री कृष्ण शरणम् ममः॥.•♥•.(¯`•´¯)▓▓▓►.. 
..◄▓▓▓▓.`•.,.• *.•♥•.॥श्री कृष्ण शरणम् ममः॥.•♥•...`•.,.•*▓▓▓►..
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◄▓▓..•♥•.॥हरि तुम हरो जन की भीर॥.•♥•..▓▓▓►
◄▓▓..•♥•.॥द्रोपदी की लाज राखी, तुम बढायो चीर॥.•♥•..▓▓▓►
◄▓▓..•♥•.॥भक्त कारण रूप नरहरि, धरयो आप शरीर॥.•♥•..▓▓▓►
◄▓▓..•♥•.॥हिरणकश्यपु मार दीन्हों, धरयो नाहिंन धीर॥.•♥•..▓▓▓►
◄▓▓..•♥•.॥बूडते गजराज राखे, कियो बाहर नीर॥.•♥•..▓▓▓►
◄▓▓..•♥•.॥दासि 'मीरा लाल गिरिधर, दु:ख जहाँ तहँ पीर॥.•♥•..▓▓▓►
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..◄▓▓▓▓(¯`•´¯).•♥•.॥श्री कृष्ण शरणम् ममः॥.•♥•.(¯`•´¯)▓▓▓►.. 
..◄▓▓▓▓.`•.,.• *.•♥•.॥श्री कृष्ण शरणम् ममः॥.•♥•...`•.,.•*▓▓▓►..
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◄▓▓..•♥•.॥मोती मूँगे उतार बनमाला पोई॥.•♥•..▓▓▓►
◄▓▓..•♥•.॥ऍंसुवन जल सींचि सींचि प्रेम बेलि बोई॥.•♥•..▓▓▓►
◄▓▓..•♥•.॥अब तो बेल फैल गई आणँद फल होई॥.•♥•..▓▓▓►
◄▓▓..•♥•.॥दूध की मथनिया बडे प्रेम से बिलोई॥.•♥•..▓▓▓►
◄▓▓..•♥•.॥माखन जब काढि लियो छाछ पिये कोई॥.•♥•..▓▓▓►
◄▓▓..•♥•.॥भगत देखि राजी हुई जगत देखि रोई॥.•♥•..▓▓▓►
◄▓▓..•♥•.॥दासी 'मीरा लाल गिरिधर तारो अब मोही॥.•♥•..▓▓▓►
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..◄▓▓▓▓(¯`•´¯).•♥•.॥श्री कृष्ण शरणम् ममः॥.•♥•.(¯`•´¯)▓▓▓►.. 
..◄▓▓▓▓.`•.,.• *.•♥•.॥श्री कृष्ण शरणम् ममः॥.•♥•...`•.,.•*▓▓▓►..
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Wednesday, April 3, 2013

▬۞▬.•♥•.॥हाथ पकड़ मत छोड़ना॥.•♥•.▬۞▬



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♥::::::♥▬▬▬.•♥•.॥श्री कृष्ण: शरणम् मम:॥.•♥•.▬▬♥::::::♥
ஜ۩۞۩ஜ▬▬.•♥•.॥श्री कृष्ण: शरणम् मम:॥.•♥•.▬▬ஜ۩۞۩ஜ
ஜ۩۞۩ஜ▬▬.•♥•.॥श्री कृष्ण: शरणम् मम:॥.•♥•.▬▬ஜ۩۞۩ஜ
♥::::::♥▬▬▬.•♥•.॥श्री कृष्ण: शरणम् मम:॥.•♥•.▬▬♥::::::♥
♥::::::♥▬▬▬.•♥•.॥तेरे हाथो सोप दी जिसने जीवन डोर॥.•♥•.▬▬۞▬▬
♥::::::♥▬▬▬.•♥•.॥कभी बिगडती न सुनी उसकी नन्द किशोर ॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥श्री कृष्ण: शरणम् मम:॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥ब्रिज राज से नाता जुडा जब है॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥जग की क्या परवाह करे॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥बस याद में आपकी रोते रहे ॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥पलकों पे अश्रु प्रव्हा करे॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥श्री कृष्ण: शरणम् मम:॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥जितनी आप दूर रहे हमसे ॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥उतनी हम आपकी याद करे॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥श्री कृष्ण: शरणम् मम:॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥सुख अद्भुत प्रेम की पीर में है॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥हम आह करे आप वहा करे ॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥श्री कृष्ण: शरणम् मम:॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥प्रभु जी!! हरी जी!! प्रभु जी!! ॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥मोरी लागी लगन मत तोडना॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥लागी लगन मत तोडना ॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥श्री कृष्ण: शरणम् मम:॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥खेती बोआई मैंने तेरे नाम की,॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥मेरे भरोसे मत छोडना ॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥श्री कृष्ण: शरणम् मम:॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥हरि जी मेरी लागी लगन मत तोडना॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥श्री कृष्ण: शरणम् मम:॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥जल है गहरा, नाव पुरानी,॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥बीच भवर मत छोडना॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥श्री कृष्ण: शरणम् मम:॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥हरि जी मेरी लागी लगन मत तोडना॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥श्री कृष्ण: शरणम् मम:॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥तू ही मेरा सेठ है,तू ही साहूकार है॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥ब्याज पे ब्याज मत जोड़ना॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥श्री कृष्ण: शरणम् मम:॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥हरि जी मेरी लागी लगन मत तोडना॥.•♥•.▬▬۞▬▬

▬▬۞▬▬.•♥•.॥श्री कृष्ण: शरणम् मम:॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥दासी की विनती सुन लीजो ॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥हाथ पकड़ मत छोड़ना॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥श्री कृष्ण: शरणम् मम:॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥हरि जी मेरी लागी लगन मत तोडना॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥श्री कृष्ण: शरणम् मम:॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥वो पावे क्या रस का चस्का॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥नहीं कृष्णा सो प्रीत लगायेगा जो ॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥श्री कृष्ण: शरणम् मम:॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥हरे कृष्णा उसे समझेगा वही॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥रसिको के समाज में जायेगा जो ॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥श्री कृष्ण: शरणम् मम:॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥ब्रिज भूमि लपेट कलेवर में॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥गुडगान किशोरी के गए गा जो ॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥श्री कृष्ण: शरणम् मम:॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥हसता हुआ श्याम मिलेगा उसे ॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥निज प्राणों की भेट चढ़ाएगा जो ॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥श्री कृष्ण: शरणम् मम:॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥राधे राधे गोविन्द गोविन्द राधे॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥गोविद राधे गोपाल राधे ॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥श्री कृष्ण: शरणम् मम:॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥वो और की आस करे न करे ॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥जिसे आश्रय श्री हरी नाम का है ॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥श्री कृष्ण: शरणम् मम:॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥उसे स्वर्ग से मित्र प्रयोजन क्या ॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥निज वासी जो गोकुल धाम का है॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥श्री कृष्ण: शरणम् मम:॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥सब सार्थक जन्म उसी का सुनो ॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥हरी कृष्ण जो चाकर श्याम का है॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥श्री कृष्ण: शरणम् मम:॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥बिना कृष्ण का प्रेम किया जग में ॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥ये जीवन ही किस काम का है॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥श्री कृष्ण: शरणम् मम:॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥राधे राधे गोविन्द गोविन्द राधे॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥गोविद राधे गोपाल राधे ॥.•♥•.▬▬۞▬▬
▬▬۞▬▬.•♥•.॥श्री कृष्ण: शरणम् मम:॥.•♥•.▬▬۞▬▬
♥::::::♥▬▬▬.•♥•.॥श्री कृष्ण: शरणम् मम:॥.•♥•.▬▬♥::::::♥
ஜ۩۞۩ஜ▬▬.•♥•.॥श्री कृष्ण: शरणम् मम:॥.•♥•.▬▬ஜ۩۞۩ஜ
ஜ۩۞۩ஜ▬▬.•♥•.॥श्री कृष्ण: शरणम् मम:॥.•♥•.▬▬ஜ۩۞۩ஜ
♥::::::♥▬▬▬.•♥•.॥श्री कृष्ण: शरणम् मम:॥.•♥•.▬▬♥::::::♥
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Friday, March 29, 2013

.•♥•.हो हो होली.•♥•.



░`♥´░नैनन में पिचकारी देई 
░`♥´░.•♥•.॥श्री कृष्णः शरणम् मम्॥.•♥•.░`♥´░
░`♥´░मोहे गारी देई होली खेली ना जाये 

░`♥´░क्यों  रे लंगर लंगराई मोते किन्ही
░`♥´░.•♥•.॥श्री कृष्णः शरणम् मम्॥.•♥•.░`♥´░

░`♥´░केसर खेच कपोलन दीन्ही 
░`♥´░लिए गुलाल ठाडो मंद मंद मुस्काए 
░`♥´░.•♥•.॥श्री कृष्णः शरणम् मम्॥.•♥•.░`♥´░
░`♥´░ठाडो मंद मंद मुस्काए होली खेली ना जाये 
░`♥´░निभन कण करत काहू की 
░`♥´░.•♥•.॥श्री कृष्णः शरणम् मम्॥.•♥•.░`♥´░
░`♥´░नगर बचावे बहिया बलदाऊ की
░`♥´░पनघट सो घर लो बतराए
░`♥´░.•♥•.॥श्री कृष्णः शरणम् मम्॥.•♥•.░`♥´░
░`♥´░घर लो बतराए होली खेली ना जाये
░`♥´░ओचक कुचन  कुमकुम  मारे
░`♥´░.•♥•.॥श्री कृष्णः शरणम् मम्॥.•♥•.░`♥´░
░`♥´░रंग सुरन सीस पे धारे
░`♥´░ये उधम सुन मेरी सास रिसाए मोरी ननद रिसाए
░`♥´░.•♥•.॥श्री कृष्णः शरणम् मम्॥.•♥•.░`♥´░
░`♥´░होली खेली ना जाये
░`♥´░होली के दिनन मोते दुनो दुनो अटके
░`♥´░.•♥•.॥श्री कृष्णः शरणम् मम्॥.•♥•.░`♥´░
░`♥´░सालिग्राम कौन जाये बर्जे
░`♥´░अंग लिपट हसी हां हां खाए
░`♥´░.•♥•.॥श्री कृष्णः शरणम् मम्॥.•♥•.░`♥´░
░`♥´░सखी हां हा खाए होली खेली ना जाये
░`♥´░.•♥•.॥श्री कृष्णः शरणम् मम्॥.•♥•.░`♥´░

░`♥´░मैं भी याये कारे कपटी को छोडूगी नाए
░`♥´░रसिया को नार बनाओ री रसिया को।
░`♥´░.•♥•.॥श्री कृष्णः शरणम् मम्॥.•♥•.░`♥´░
░`♥´░वह वह रे रसिया वह वह रे छेला
░`♥´░गाल गुलाल दृगन में कजरा 
░`♥´░.•♥•.॥श्री कृष्णः शरणम् मम्॥.•♥•.░`♥´░
░`♥´░याके मेहँदी थल लगाओ री रसिया को
░`♥´░कटि लहंगा गल माल कंचुकी, 

░`♥´░.•♥•.॥श्री कृष्णः शरणम् मम्॥.•♥•.░`♥´░
░`♥´░चुनरी शीश उढाओ री।
░`♥´░हा !रसिया को हा! छलिया को
░`♥´░.•♥•.॥श्री कृष्णः शरणम् मम्॥.•♥•.░`♥´░

░`♥´░वह वह रे रसिया वह वह रे छेला
░`♥´░बाँह बडा बाजूबंद सोहे,
░`♥´░वाको नक बेसर पहराओ री ।रसिया को
░`♥´░.•♥•.॥श्री कृष्णः शरणम् मम्॥.•♥•.░`♥´░
░`♥´░नारायण करतारी बजाय के,
░`♥´░जसुमति निकट नचाओ री।रसिया को
░`♥´░.•♥•.॥श्री कृष्णः शरणम् मम्॥.•♥•.░`♥´░
░`♥´░तेने जुलम कियो रे रंग डाल रसिया होली में 
░`♥´░मेरो बिगड़ गयो रे श्रींगार
░`♥´░.•♥•.॥श्री कृष्णः शरणम् मम्॥.•♥•.░`♥´░
░`♥´░तोसो प्रीत श्याम नहीं पालू
░`♥´░भीज गयो री मेरो तरकस सालू
░`♥´░.•♥•.॥श्री कृष्णः शरणम् मम्॥.•♥•.░`♥´░
░`♥´░जाको मोल है लाखो हजार रसिया होली में
░`♥´░पर नारी तक तकते छलिया
░`♥´░.•♥•.॥श्री कृष्णः शरणम् मम्॥.•♥•.░`♥´░

░`♥´░भीग गई रे मोरी मखमल अंगिया
░`♥´░भर भर डारी गुलाल की झोरी
░`♥´░.•♥•.॥श्री कृष्णः शरणम् मम्॥.•♥•.░`♥´░
░`♥´░झूम झटक मोरी बइया मरोरी
░`♥´░मेरो टूटयो नो लाख हार
░`♥´░.•♥•.॥श्री कृष्णः शरणम् मम्॥.•♥•.░`♥´░
░`♥´░रसिया होली में
░`♥´░अंखिया मोरी फरकन लागी
░`♥´░छातिय मोरी धड़कन लागी
░`♥´░.•♥•.॥श्री कृष्णः शरणम् मम्॥.•♥•.░`♥´░
░`♥´░तेरी बंसी की सुन झंकार रसिया होली में
░`♥´░तेने जुलम कियो रे रंग डाल रसिया होलिमे
░`♥´░.•♥•.॥श्री कृष्णः शरणम् मम्॥.•♥•.░`♥´░
░`♥´░एसो प्रेम को जाल बिचयो
░`♥´░डाल मोहिनी मन भरमायो
░`♥´░.•♥•.॥श्री कृष्णः शरणम् मम्॥.•♥•.░`♥´░
░`♥´░मै जाऊ तोपे बलिहार रसिया होली में 
░`♥´░होली खेलूंगी श्याम तोते नाए हारू होली खेलूंगी
░`♥´░.•♥•.॥श्री कृष्णः शरणम् मम्॥.•♥•.░`♥´░
░`♥´░उड़त गुलाल लाल भये बादल
░`♥´░भर मटका रंग को धारू होली खेलूंगी
░`♥´░.•♥•.॥श्री कृष्णः शरणम् मम्॥.•♥•.░`♥´░
░`♥´░होली में तोहे गोरी बनू लाला होली खेलूंगी

░`♥´░.•♥•.॥श्री कृष्णः शरणम् मम्॥.•♥•.░`♥´░
░`♥´░और झगा तेरो फारु होली खेलूंगी
░`♥´░.•♥•.॥श्री कृष्णः शरणम् मम्॥.•♥•.░`♥´░

░`♥´░तेरे हाथ बांध गुलचा मारू होली खेलूंगी
░`♥´░.•♥•.॥श्री कृष्णः शरणम् मम्॥.•♥•.░`♥´░
░`♥´░सरस आज तोपे बलि जाऊ 

░`♥´░.•♥•.॥श्री कृष्णः शरणम् मम्॥.•♥•.░`♥´░
░`♥´░सगरो तन मन धन वारू होली खेलूंगी
░`♥´░.•♥•.॥श्री कृष्णः शरणम् मम्॥.•♥•.░`♥´░
░`♥´░हो हो होली हो हो होली हो हो होली 
░`♥´░.•♥•.॥श्री कृष्णः शरणम् मम्॥.•♥•.░`♥´░
░`♥´░.•♥•.॥श्री कृष्णः शरणम् मम्॥.•♥•.░`♥´░
░`♥´░.•♥•.॥श्री कृष्णः शरणम् मम्॥.•♥•.░`♥´░
░`♥´░.•♥•.॥श्री कृष्णः शरणम् मम्॥.•♥•.░`♥´░

Sunday, February 24, 2013






░░░░░░░░░░░░█░██░ █हनुमान चालीसा█ ░██░█░░░░░░░░░░░
░░░░░░░█░██░ █गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित█ ░██░█░░░░░░░
░░░░░░░░░░░░█░██░ █ दोहा █ ░██░█░░░░░░░░░░░
░░.•♥•.॥श्रीगुरु चरण सरोज रज, निज मनु मुकुर सुधारि॥.•♥•.░░
░░.•♥•.॥बरनउ रघुवर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि॥.•♥•.░░
░░.•♥•.॥बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन कुमार॥.•♥•.░░
░░.•♥•.॥बल बुधि विद्या देहु मोहि, हरहु कलेश विकार॥.•♥•.░░

░░░░░░░░░░░░█░██░ █चौपाई█ ░██░█░░░░░░░░░░░

░█░░████जय हनुमान ज्ञान गुन सागर
░█░░█░░░जय कपीस तिहुँ लोक उजागर॥१॥
░███████░राम दूत अतुलित बल धामा
░░░░█░░█░अंजनि पुत्र पवनसुत नामा॥२॥
░████░░█░महाबीर बिक्रम बजरंगी
░░░░░░░░░कुमति निवार सुमति के संगी॥३॥
░░.•♥•.॥श्री राम जय राम जय जय राम॥.•♥•.░░
░█░░████कंचन बरन बिराज सुबेसा
░█░░█░░░कानन कुंडल कुँचित केसा॥४॥
░███████░हाथ बज्र अरु ध्वजा बिराजे
░░░░█░░█░काँधे मूँज जनेऊ साजे॥५॥
░████░░█░शंकर सुवन केसरी नंदन
░░░░░░░░░तेज प्रताप महा जगवंदन॥६॥
░░.•♥•.॥श्री राम जय राम जय जय राम॥.•♥•.░░
░█░░████विद्यावान गुनी अति चातुर
░█░░█░░░राम काज करिबे को आतुर॥७॥
░███████░प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया
░░░░█░░█░राम लखन सीता मनबसिया॥८॥
░████░░█░सूक्ष्म रूप धरि सियहि दिखावा
░░░░░░░░░विकट रूप धरि लंक जरावा॥९॥
░░.•♥•.॥श्री राम जय राम जय जय राम॥.•♥•.░░
░█░░████भीम रूप धरि असुर सँहारे
░█░░█░░░रामचंद्र के काज सवाँरे॥१०॥
░███████░लाय सजीवन लखन जियाए
░░░░█░░█░श्री रघुबीर हरषि उर लाए॥११॥
░████░░█░रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई
░░░░░░░░░तुम मम प्रिय भरत-हि सम भाई॥१२॥
░░.•♥•.॥श्री राम जय राम जय जय राम॥.•♥•.░░
░█░░████सहस बदन तुम्हरो जस गावै
░█░░█░░░अस कहि श्रीपति कंठ लगावै॥१३॥
░███████░सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा
░░░░█░░█░नारद सारद सहित अहीसा॥१४॥
░████░░█░जम कुबेर दिगपाल जहाँ ते
░░░░░░░░░कवि कोविद कहि सके कहाँ ते॥१५॥
░░.•♥•.॥श्री राम जय राम जय जय राम॥.•♥•.░░
░█░░████तुम उपकार सुग्रीवहि कीन्हा
░█░░█░░░राम मिलाय राज पद दीन्हा॥१६॥
░███████░तुम्हरो मंत्र बिभीषण माना
░░░░█░░█░लंकेश्वर भये सब जग जाना॥१७॥
░████░░█░जुग सहस्त्र जोजन पर भानू
░░░░░░░░░लिल्यो ताहि मधुर फ़ल जानू॥१८॥
░░.•♥•.॥श्री राम जय राम जय जय राम॥.•♥•.░░
░█░░████प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माही
░█░░█░░░जलधि लाँघि गए अचरज नाही॥१९॥
░███████░दुर्गम काज जगत के जेते
░░░░█░░█░सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते॥२०॥
░████░░█░राम दुआरे तुम रखवारे
░░░░░░░░░होत ना आज्ञा बिनु पैसारे॥२१॥
░░.•♥•.॥श्री राम जय राम जय जय राम॥.•♥•.░░
░█░░████सब सुख लहैं तुम्हारी सरना
░█░░█░░░तुम रक्षक काहु को डरना॥२२॥
░███████░आपन तेज सम्हारो आपै
░░░░█░░█░तीनों लोक हाँक तै कापै॥२३॥
░████░░█░भूत पिशाच निकट नहि आवै
░░░░░░░░░महावीर जब नाम सुनावै॥२४॥
░░.•♥•.॥श्री राम जय राम जय जय राम॥.•♥•.░░
░█░░████नासै रोग हरे सब पीरा
░█░░█░░░जपत निरंतर हनुमत बीरा॥२५॥
░███████░संकट तै हनुमान छुडावै
░░░░█░░█░मन क्रम वचन ध्यान जो लावै॥२६॥
░████░░█░सब पर राम तपस्वी राजा
░░░░░░░░░तिनके काज सकल तुम साजा॥२७॥
░░.•♥•.॥श्री राम जय राम जय जय राम॥.•♥•.░░
░█░░████और मनोरथ जो कोई लावै
░█░░█░░░सोई अमित जीवन फल पावै॥२८॥
░███████░चारों जुग परताप तुम्हारा
░░░░█░░█░है परसिद्ध जगत उजियारा॥२९॥
░████░░█░साधु संत के तुम रखवारे
░░░░░░░░░असुर निकंदन राम दुलारे॥३०॥
░░.•♥•.॥श्री राम जय राम जय जय राम॥.•♥•.░░
░█░░████अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता
░█░░█░░░अस बर दीन जानकी माता॥३१॥
░███████░राम रसायन तुम्हरे पासा
░░░░█░░█░सदा रहो रघुपति के दासा॥३२॥
░████░░█░तुम्हरे भजन राम को पावै
░░░░░░░░░जनम जनम के दुख बिसरावै॥३३॥
░░.•♥•.॥श्री राम जय राम जय जय राम॥.•♥•.░░
░█░░████अंतकाल रघुवरपुर जाई
░█░░█░░░जहाँ जन्म हरिभक्त कहाई॥३४॥
░███████░और देवता चित्त ना धरई
░░░░█░░█░हनुमत सेई सर्व सुख करई॥३५॥
░████░░█░संकट कटै मिटै सब पीरा
░░░░░░░░░जो सुमिरै हनुमत बलबीरा॥३६॥
░░.•♥•.॥श्री राम जय राम जय जय राम॥.•♥•.░░
░█░░████जै जै जै हनुमान गुसाईँ
░█░░█░░░कृपा करहु गुरु देव की नाई॥३७॥
░███████░जो सत बार पाठ कर कोई
░░░░█░░█░छूटहि बंदि महा सुख होई॥३८॥
░████░░█░जो यह पढ़े हनुमान चालीसा
░░░░░░░░░होय सिद्ध साखी गौरीसा॥३९॥

░░░░तुलसीदास सदा हरि चेराकीजै नाथ हृदय मह डेरा॥४०॥░░░░░
░░.•♥•.॥श्री राम जय राम जय जय राम॥.•♥•.░░
░░░░░░░░░░░░█░██░ █ दोहा █ ░██░█░░░░░░░░░░░
░░░░░░░░░पवन तनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप।░░░░░░░░░
░░░░░░░░राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप॥░░░░░░░░░
░░.•♥•.॥सियावर रामचंद्र की जय॥.•♥•.░░
░░.•♥•.॥राजा राम की जय॥.•♥•.░░
░░.•♥•.॥राम लक्ष्मन जानकी जय बोलो हनुमान की॥.•♥•.░░
░░.•♥•.॥श्री राम जय राम जय जय राम॥.•♥•.░░
░░.•♥•.॥श्री राम जय राम जय जय राम॥.•♥•.░░